blog

blog
11 JULY
HARVICK GETS WHAT HE NEEDS, JOHNSON AMONG THOSE

By - आचार्या रेखा कल्पदेव 167 views

कर्म को प्रधान कहा गया। प्राणी के द्वारा जो भी कार्य किया जाता है। उसी को कर्म कहा जाता है। इंसान को कब सफलता प्राप्त होती है। क्या आप जानते है। जब इंसान एक जुट एकाग्र होकर जब किसी भी कार्य को करने मे लग जाता है। तभी उस को सफलता मिलती है। आप ने सुना भी होगा कि करनी और कथनी में अंतर होता है। इस का मतलब यह है। कि आप कर्म तो करते नही और बोलते रहते हो। जैसे कई व्यक्ति कहते है। कि मै बहुत बड़ा धनवान बनना चाहता हुँ। लेकिन वह कर्म करने के लिए आगे नहीं बढ़ता। क्योकि वह व्यक्ति जो धनवान बनने की सोचता है। लेकिन धनवान बनने वाले कर्म (कार्य ) नहीं करता तो कैसे वह धनवान बनेगा।

READ MORE
Jul 07, 2022

मंगल-राहु की युति और वर्तमान परिवेश - राष्ट्र में शांति कब तक ?

मंगल और राहु की युति को ज्योतिष शास्त्रों में अंगारक योग का नाम दिया गया है। वैदिक ज्योतिष में मंगल अग्नि, क्रोध, आवेश, हिंसा और मार-पीट के कारक के रुप में....

Jun 15, 2022

चन्दमा का ज्योतिष महत्व

1. काल पुरुष की कुण्डली में चंद्रमा चतुर्थ भाव का स्वामी है। अतः चन्द्रमा जातक की माता, सुख , मकान व मन आदि का कारक है। चन्द्रमा को ज्योतिष के सभी ग्र....

Apr 27, 2022

शनि के जन्म की कथा


पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य देव का विवाह रजा दक्ष की पुत्री संध्या के साथ सम्पन्न हुआ था । सूर्य देव और संध्या के तीन पुत्र हुए थे जिनका नाम था वैवस्व....