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11 JULY
HARVICK GETS WHAT HE NEEDS, JOHNSON AMONG THOSE

By - आचार्या रेखा कल्पदेव 167 views

कर्म को प्रधान कहा गया। प्राणी के द्वारा जो भी कार्य किया जाता है। उसी को कर्म कहा जाता है। इंसान को कब सफलता प्राप्त होती है। क्या आप जानते है। जब इंसान एक जुट एकाग्र होकर जब किसी भी कार्य को करने मे लग जाता है। तभी उस को सफलता मिलती है। आप ने सुना भी होगा कि करनी और कथनी में अंतर होता है। इस का मतलब यह है। कि आप कर्म तो करते नही और बोलते रहते हो। जैसे कई व्यक्ति कहते है। कि मै बहुत बड़ा धनवान बनना चाहता हुँ। लेकिन वह कर्म करने के लिए आगे नहीं बढ़ता। क्योकि वह व्यक्ति जो धनवान बनने की सोचता है। लेकिन धनवान बनने वाले कर्म (कार्य ) नहीं करता तो कैसे वह धनवान बनेगा।

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Aug 24, 2022

मांगलिक दोष विचार व परिहार

मंगली दोष का विचार कुडली मिलान के अंतर्गत किया जाता है l मंगल दोष को कुज दोष, भौम दोष, मांगलिक दोष आदि नामों से भी जाना जाता है l दक्षिणी भारत में इसे कलत्र ....

Aug 22, 2022

अवसाद रोग की तलाश और ज्योतिष विद्या

डिप्रेशन एक ऐसी मनः स्थिति है जिसे व्यक्ति खुश या अच्छा महसूस नहीं करता है, कभी-कभी लोगों को बिना किसी कारण के अवसाद होता है, जीवन की सभी चीजें होने के बाव....

Aug 18, 2022

श्रीकृष्ण की शिक्षाएं और आज के परिवेश में उपयोगिता

3228 में, भारत के मथुरा में, एक बच्चा पैदा हुआ था, जो मानव जाति के आध्यात्मिक और लौकिक भाग्य का पुनरुत्थान करने के लिए नियत था। अपने 125 वर्षों के जीवनका....