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11 JULY
HARVICK GETS WHAT HE NEEDS, JOHNSON AMONG THOSE

By - आचार्या रेखा कल्पदेव 167 views

कर्म को प्रधान कहा गया। प्राणी के द्वारा जो भी कार्य किया जाता है। उसी को कर्म कहा जाता है। इंसान को कब सफलता प्राप्त होती है। क्या आप जानते है। जब इंसान एक जुट एकाग्र होकर जब किसी भी कार्य को करने मे लग जाता है। तभी उस को सफलता मिलती है। आप ने सुना भी होगा कि करनी और कथनी में अंतर होता है। इस का मतलब यह है। कि आप कर्म तो करते नही और बोलते रहते हो। जैसे कई व्यक्ति कहते है। कि मै बहुत बड़ा धनवान बनना चाहता हुँ। लेकिन वह कर्म करने के लिए आगे नहीं बढ़ता। क्योकि वह व्यक्ति जो धनवान बनने की सोचता है। लेकिन धनवान बनने वाले कर्म (कार्य ) नहीं करता तो कैसे वह धनवान बनेगा।

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Oct 01, 2022

माँ कात्यायनी - नवरात्र का छठा दिन

नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति श्री दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विधान है। कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ ....

Sep 30, 2022

पंचम नवरात्र - देवी स्कंदमाता

नवरात्रि के पंचम दिवस दुर्गा मां के स्कंदमाता रूप की पूजा- अर्चना की जाती है। 30 सितम्बर, 2022 को इस वर्ष शारदीय नवरात्र का पंचम नवरात्रा रहेगा. शास्त्रानुस....

Sep 29, 2022

नवरात्र की देवी का चतुर्थ रूप मां कूष्मांडा

29 सितम्बर 2022 को आश्विन नवरात्रि के चौथे दिन हर नवरात्र की तरह मां दुर्गा के चतुर्थ रूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। मां कूष्मांडा