blog

blog
11 JULY
HARVICK GETS WHAT HE NEEDS, JOHNSON AMONG THOSE

By - आचार्या रेखा कल्पदेव 167 views

कर्म को प्रधान कहा गया। प्राणी के द्वारा जो भी कार्य किया जाता है। उसी को कर्म कहा जाता है। इंसान को कब सफलता प्राप्त होती है। क्या आप जानते है। जब इंसान एक जुट एकाग्र होकर जब किसी भी कार्य को करने मे लग जाता है। तभी उस को सफलता मिलती है। आप ने सुना भी होगा कि करनी और कथनी में अंतर होता है। इस का मतलब यह है। कि आप कर्म तो करते नही और बोलते रहते हो। जैसे कई व्यक्ति कहते है। कि मै बहुत बड़ा धनवान बनना चाहता हुँ। लेकिन वह कर्म करने के लिए आगे नहीं बढ़ता। क्योकि वह व्यक्ति जो धनवान बनने की सोचता है। लेकिन धनवान बनने वाले कर्म (कार्य ) नहीं करता तो कैसे वह धनवान बनेगा।

READ MORE
Sep 25, 2022

शारदीय नवरात्रे

अश्विन शुक्ल पक्ष से शारदीय नवरात्रे शुरू होते है तथा शरद ऋतू का भी आगमन होता है, अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक यह व्रत किया जाता ....

Sep 14, 2022

पितृपक्ष - गया धाम, पितृ तीर्थ धाम

सनातन धर्म में यानी हिन्दू में ‘पितृपक्ष’ का बहुत ही अधिक महत्व है। इस साल पितृपक्ष कल से शुरू हो गया है। शास्त्रों के अनुसार, पितृपक्ष 16 दिनों....

Sep 10, 2022

श्राद्ध पक्ष- पितर ऋण मुक्ति मार्ग

‘‘समयानुसार श्राद्ध करने से कुल में कोई दुखी नहीं रहता। पितरों की पूजा करके मनुष्य आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, श्री, पशु, सुख और धन-धान....